बेशर्म सिस्टम के आगे एक पिता की बेबसी, ठेले पर बीमार बेटे को ले गया अस्पताल, डाॅक्टर ने इलाज के लिए मांगे 25 हजार

बलरामपुरः बेशर्म सिस्टम के आगे एक पिता की बेबसी देखिए। बीमार बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए एक पिता ने 102 एंबुलेंस को फोन किया लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। बेटे की तबियत बिगड़ते देख पिता से एंबुलेंस का इंतजार करना रहा नहीं गया। उसने एक ठेलेवाले को बुलाया और बेटे को ठेले पर डालकर अस्पताल ले गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर बेबस पिता की परेशानी चार गुनी और बढ़ गई। 
अस्पताल के डॉक्टर ने बच्चे को देखने के एवज में 25 हजार रुपए की मांग कर दी। इतना ही नहीं पैसे नहीं देने पर बच्चे को अस्पताल से बाहर ले जाने को कहा। लाख मिन्नतें करने के बाद भी डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। उसने बच्चे को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। 
आर्थोपैडिक सर्जन डा.एनके बाजपेई पर पहले भी इलाज के बदले पैसे मांगने का आरोप लगता रहा है।

क्या है मामला

मानवता को शर्मशार करने वाली यह घटना संयुक्त जिला अस्पताल की है। कोतवाली नगर क्षेत्र के बलुआ मोहल्ले के रहने वाले इश्तियाक का 15 वर्षीय बालक शहबाज मन्दबुद्धि है। तबियत खराब होने पर उसे संयुक्त जिला अस्पताल लाया गया था।
-इश्तियाक के पास इतना पैसा नहीं था कि वह प्राइवेट एम्बुलेन्स से अपने बेटे को अस्पताल लेकर जाये। लिहाजा एक ठेले पर अपने घायल बेटे को लादकर चार किलोमीटर दूर अस्पताल की ओर चल पड़ा।   
अस्पताल पहुँचने पर आर्थोपैडिक सर्जन डा.एनके बाजपेई ने इश्तियाक से इलाज के लिये 25 हजार रुपये की माँग की। पैसे न देने पर उसे भर्ती करने से इन्कार कर दिया। लेकिन इस डाॅक्टर पर पहले भी मरीजो से इलाज के नाम पर पैसे माँगने की शिकायते सामने आयी है।

डीएम भी दे चुके हैं चेतावनी

-डीएम भी दो बार नोटिस देकर डा.एनके बाजपेई को चेतावनी दे चुके है। संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डा. सत्यदेव भारती ने भी इस बात को स्वीकार किया कि डाक्टर एनके बाजपेई की इलाज के नाम पर पैसे लेने की शिकायते कई बार मिली है। 
मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद फिलहाल मरीज को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। अस्पताल के सीएमएस डा. सत्यदेव भारती ने पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम को सौंपने की बात कही है।